तीन दिन पहले नक्सली हिड़मा की मौत की ख़बर जितनी अचानक आई, उससे कहीं ज़्यादा धमाका उसके बाद हुआ है. बस्तरिया राज पार्टी के नेता और पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने खुलेआम यह आरोप उछाल दिया है कि हिड़मा और उसके साथियों की बलि चढ़ा दी गई और ये खेल किसी और का नहीं, खुद बड़े नक्सली नेता देवजी का है. एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक कामयाबी बता रही है, तो दूसरी तरफ बस्तर से उठ रही ये सियासी-नक्सली कहानी पूरे ऑपरेशन पर बारूद की तरह फैलती जा रही है.
तीन दिन पहले नक्सली हिड़मा की मौत की ख़बर जितनी अचानक आई, उससे कहीं ज़्यादा धमाका उसके बाद हुआ है. बस्तरिया राज पार्टी के नेता और पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने खुलेआम यह आरोप उछाल दिया है कि हिड़मा और उसके साथियों की बलि चढ़ा दी गई और ये खेल किसी और का नहीं, खुद बड़े नक्सली नेता देवजी का है. एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक कामयाबी बता रही है, तो दूसरी तरफ बस्तर से उठ रही ये सियासी-नक्सली कहानी पूरे ऑपरेशन पर बारूद की तरह फैलती जा रही है.
🤬 लाल सलाम 🏹