अत्यंत मार्मिक सैद्धांतिक तथ्यों का गहराई से चिंतन मनन घोलन करते हुए, गुरुदेव ने बिल्कुल स्पष्ट कहा 👌... अगर अभी भी सम्यकदर्शन नहीं हुआ है तो..., तुम्हारी अभी आत्मा के प्रति रुचि है ही नहीं.क्योंकि.... 🌹 लगन आत्मा की लगी हो 🌹 ज्ञायक की धुन सवार हो तो, संसार शरीर,संयोगों के बीच में रहते हुए भी ... 🌹आत्माराधना कर सकते है 🌹 इसलिए,तुम अपने उपयोग को चारों तरफ से समेटकर अपने त्रिकाली ध्रुव भगवान आत्मा में लगाओ, गुरुदेव कह रहे हैं...👍. वैसे भी जो बाहर की पर्यायगत व्यवस्था है, 🌹वह तुम्हारे आधीन,नहीं है 🌹 द्रव्य क्षेत्र काल भाव का विवेक तो रखना चाहिए लेकिन ये आत्म आराधना में बाधक है...🌹 ऐसी मान्यता नहीं होनी चाहिए 🌹
🙏🙏🙏👏👏👏 Jai jinendra dev ki sabhi mumukshu ko Prabhu. Sudhatam vandan Prabhu. Param pujya maha upkari gurudev Shri Kanji Swami ji ke charno me sat sat naman vandan Prabhu koti koti vandan. 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
तुम्हारी अभी आत्मा के प्रति रुचि है ही नहीं.क्योंकि....
🌹 लगन आत्मा की लगी हो 🌹 ज्ञायक की धुन सवार हो तो, संसार शरीर,संयोगों के बीच में रहते हुए भी ...
🌹आत्माराधना कर सकते है 🌹 इसलिए,तुम अपने उपयोग को चारों तरफ से समेटकर अपने त्रिकाली ध्रुव भगवान आत्मा में लगाओ, गुरुदेव कह रहे हैं...👍. वैसे भी जो बाहर की पर्यायगत व्यवस्था है, 🌹वह तुम्हारे आधीन,नहीं है 🌹 द्रव्य क्षेत्र काल भाव का विवेक तो रखना चाहिए लेकिन ये आत्म आराधना में बाधक है...🌹 ऐसी मान्यता नहीं होनी चाहिए 🌹