दस गलतियाँ जो भारत को नहीं दुहरानी चाहिए || आचार्य प्रशांत (2025)

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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वीडियो जानकारी: 05.12.2025, बैंगलोर

Title: दस भूलें जो भारत को नहीं दुहरानी चाहिए || आचार्य प्रशांत (2025)

🗒️ Chapters:
00:00 - Intro
01:55 - हम बाहर से नहीं, भीतर से हारे
18:06 - भारत क्यों नहीं लड़ पाया?
32:21 - हम फिर वही गलती कर रहे हैं
47:35 - वैराग्य और आध्यात्मिक बहाने
56:43 - भावना से युद्ध नहीं जीते जाते
1:06:18 - 1757: असली निर्णायक क्षण
1:14:56 - रटने की परम्परा और पतन
1:22:19 - ज्ञान के अपमान का परिणाम

विवरण: भारत बार-बार पराधीन क्यों हुआ—यह प्रश्न अतीत से अधिक वर्तमान से जुड़ा है। इस संवाद में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि गुलामी तलवारों से नहीं, बल्कि भीतर की कमजोरियों से आती है—आपसी फूट, भाग्यवाद, जाति, कर्मकांड, अंधश्रद्धा और ज्ञान से विमुखता से। जब धर्म जिज्ञासा न रहकर मान्यता बन जाता है, भावना विवेक पर हावी हो जाती है, और विज्ञान, अर्थव्यवस्था व सही नेतृत्व की उपेक्षा होने लगती है, तब स्वतंत्रता केवल औपचारिक रह जाती है। आचार्य जी गीता और वेदांत को युद्धभूमि की शिक्षा बताते हुए स्पष्ट करते हैं कि वे पलायन नहीं, बल्कि स्पष्टता और निर्णायकता सिखाते हैं—और चेतावनी देते हैं कि जिन कारणों ने भारत को पहले कमजोर किया था, उनकी जड़ें आज भी मौजूद हैं।


🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर:
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संगीत: मिलिंद दाते
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