वो कहते हैं कि हिंदू धर्म "पिछड़ा" हुआ है - उन्हें कैसे समझाएँ? || आचार्य प्रशांत (2025)

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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वीडियो जानकारी: 24.12.2025, पुणे

Title: वो कहते हैं कि हिंदू धर्म "पिछड़ा" हुआ है - उन्हें कैसे समझाएँ? || आचार्य प्रशांत (2025)

📋 Chapters:
00:00 - Intro
01:08 - क्या हिंदू धर्म सच में पिछड़ा है?
06:10 - लोकधर्म बनाम वेदांत
10:00 - जो दिखता है वही सच है?
18:10 - हिंदू धर्म के साथ अन्याय
27:21 - स्मृति बनाम श्रुति
35:01 - गीता और लेफ्ट–राइट की साजिश
44:04 - वास्तविक हिंदू धर्म
53:13 - जेन-जी, गीता और धर्म
01:10:30 - गीता समझ क्यों नहीं आती?
01:12:24 - क्या सचमुच ईश्वर है?

विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत एक अत्यंत प्रचलित विषय की जड़ पर चर्चा करते हैं कि हिंदू धर्म पिछड़ा, जातिवादी और स्त्री-विरोधी है। वे स्पष्ट करते हैं कि बहस धर्म पर नहीं, बल्कि पहले परिभाषा पर होनी चाहिए: जो कुछ आज समाज में चल रहा है—कर्मकांड, जाति, दहेज, अंधविश्वास—वह लोकधर्म है, वेदांत नहीं। आचार्य जी बताते हैं कि वेदांत किसी मान्यता या विश्वास का ढांचा नहीं, बल्कि एक दर्शन है जो प्रश्न से शुरू होता है और सत्य की कसौटी देता है—जो समय के साथ बदलता है, वह सत्य नहीं। गीता के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय, उसके लोकधार्मिक और विकृत अर्थों, तथा लेफ्ट और राइट, दोनों के स्वार्थपूर्ण विरोध को वे स्पष्ट रूप से उजागर करते हैं।

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