❤❤ जो निष्कलंक ब्रह्म वाणी के विरुद्ध चलेगा और दूसरों को भी ऐसी ही शिक्षा देगा उसके कीड़े पडना लाजमी है। धनी न जाए किनको धुतयो, जो कीजे अनैक धूतार।। प्राणायाम केवल निराकार तक सीमित है। जय श्री कृष्णा। जय श्री जी साहेब जी महेरबान। श्री श्यामा जी और कृष्णा श्याम अर्थात श्यामा श्याम। श्री जी श्यामा जी और साहेब श्याम अर्थात श्यामा श्याम। इलम सहूर मैहर हुकुम चारो चीजे होए एक ठौर। तिन खैच लिया मता अर्श का, पट नहीं कोई और।।सिनगार।।❤❤