Osho के अनुसार,
ध्यान कोई अभ्यास नहीं —
यह होने की अवस्था है।
7 चक्रों की साधना
उसी भीतर की यात्रा का संकेत है,
जहाँ ऊर्जा को बदला नहीं जाता,
केवल देखा जाता है।
इस वीडियो में
कोई शब्द नहीं हैं,
कोई निर्देश नहीं हैं,
केवल एक ध्यानपूर्ण वातावरण है
जिसमें आप स्वयं के निकट आ सकते हैं।
जब ध्यान गहरा होता है,
तो चक्र अपने आप प्रकट होने लगते हैं।
कोई प्रयास नहीं,
कोई जल्दबाज़ी नहीं —
सिर्फ मौन और साक्षी भाव।
Osho कहते हैं,
“जो घटता है, उसे होने दो।
देखने वाला ही पर्याप्त है।”
इस साधना को
शांत स्थान पर,
आराम से बैठकर या लेटकर देखें।
श्वास को स्वाभाविक रहने दें,
और स्वयं को इस यात्रा में छोड़ दें।
यह वीडियो
किसी परिणाम का वादा नहीं करता।
यह केवल अनुभव का आमंत्रण है।
🧘♂️
मौन में उतरें।
भीतर की यात्रा पर चलें।
#meditation
#innerpeace
Osho के अनुसार,
ध्यान कोई अभ्यास नहीं —
यह होने की अवस्था है।
7 चक्रों की साधना
उसी भीतर की यात्रा का संकेत है,
जहाँ ऊर्जा को बदला नहीं जाता,
केवल देखा जाता है।
इस वीडियो में
कोई शब्द नहीं हैं,
कोई निर्देश नहीं हैं,
केवल एक ध्यानपूर्ण वातावरण है
जिसमें आप स्वयं के निकट आ सकते हैं।
जब ध्यान गहरा होता है,
तो चक्र अपने आप प्रकट होने लगते हैं।
कोई प्रयास नहीं,
कोई जल्दबाज़ी नहीं —
सिर्फ मौन और साक्षी भाव।
Osho कहते हैं,
“जो घटता है, उसे होने दो।
देखने वाला ही पर्याप्त है।”
इस साधना को
शांत स्थान पर,
आराम से बैठकर या लेटकर देखें।
श्वास को स्वाभाविक रहने दें,
और स्वयं को इस यात्रा में छोड़ दें।
यह वीडियो
किसी परिणाम का वादा नहीं करता।
यह केवल अनुभव का आमंत्रण है।
🧘♂️
मौन में उतरें।
भीतर की यात्रा पर चलें।
#meditation
#innerpeace