गुरुदेव यह गायों की सेवा नहीं गए उनका शोषण किया जाता है पैदा होते ही बछड़ों को मीट फैक्ट्री भेज देते हैं और बुड्ढी गाया को भी मीट फैक्ट्री भेजे सिर्फ जिन गायों से ने मतलब है उन्हीं को रखते हैं और सभी को मारकर खा जाते हैं बच्चा पैदा होते हुए के बाद एक बार ही अपनी मां को देखता है फिर पूरी जिंदगी अपनी मां को भी नहीं सकता वो बछड़ों की जिंदगी तो 4 या 5 दिन की ही होती है
बहुत बहुत बधाई हो! गुरूदेव प्रणाम! हमारे छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुरभि गौधाम योजना के अंतर्गत ऐसी गौशाला निर्माण कार्य प्रारंभ करे । सौजन्य-छत्तीसगढ़ गोठान समिति जिला-जांजगीर चांपा