फिज़िक्स क्लास में ली सू की एक झपकी उसे सदियों पीछे फेंक देती है। आंख खुलते ही वह खुद को अपने ही नाम वाले बदनाम ‘उड़ाऊ वारिस’ के शरीर में पाता है—घर उजड़ चुका, पास बस बूढ़ी माँ। अब लक्ष्य साफ है: माँ की हिफ़ाज़त और अपना नाम वापस। अपनी आधुनिक याददाश्त के बल पर वह कविताएँ बेचता है, हिसाब-किताब का अद्भुत हुनर दिखाता है, और लिन घराने का युवा मालिक उसे गुरु मान लेता है। धीरे-धीरे लिन वान और जियांग निएननिएन उसके असली होने का अंदाज़ा लगाने लगती हैं—क्या वह वही पुराना निकम्मा है, या कोई बिल्कुल नया व्यक्ति?
उधर जिलाधिकारी का बेटा चेन पिंग, पुराने हिसाब चुकाने के लिए, ली सू की माँ को निशाना बनाने की कोशिश करता है। चालें चलती हैं, पर ली सू पीछे हटने वाला नहीं—वह हर कदम पर बुद्धि से जवाब देता है। इसी बीच जियांग निएननिएन उसे मध्य-शरद कवि-सम्मेलन में अपनी ओर से उतरने का निमंत्रण देती है—एक मौका, जो कलम से तक़दीर बदल सकता है।
पर सच सामने आने की कीमत क्या होगी? क्या उसकी चालाकी और गणित चेन पिंग की अगली वार से बचा पाएँगे? और क्या वह माँ और अपनी इज़्ज़त दोनों को सुरक्षित रख पाएगा?
फिज़िक्स क्लास में ली सू की एक झपकी उसे सदियों पीछे फेंक देती है। आंख खुलते ही वह खुद को अपने ही नाम वाले बदनाम ‘उड़ाऊ वारिस’ के शरीर में पाता है—घर उजड़ चुका, पास बस बूढ़ी माँ। अब लक्ष्य साफ है: माँ की हिफ़ाज़त और अपना नाम वापस। अपनी आधुनिक याददाश्त के बल पर वह कविताएँ बेचता है, हिसाब-किताब का अद्भुत हुनर दिखाता है, और लिन घराने का युवा मालिक उसे गुरु मान लेता है। धीरे-धीरे लिन वान और जियांग निएननिएन उसके असली होने का अंदाज़ा लगाने लगती हैं—क्या वह वही पुराना निकम्मा है, या कोई बिल्कुल नया व्यक्ति?
उधर जिलाधिकारी का बेटा चेन पिंग, पुराने हिसाब चुकाने के लिए, ली सू की माँ को निशाना बनाने की कोशिश करता है। चालें चलती हैं, पर ली सू पीछे हटने वाला नहीं—वह हर कदम पर बुद्धि से जवाब देता है। इसी बीच जियांग निएननिएन उसे मध्य-शरद कवि-सम्मेलन में अपनी ओर से उतरने का निमंत्रण देती है—एक मौका, जो कलम से तक़दीर बदल सकता है।
पर सच सामने आने की कीमत क्या होगी? क्या उसकी चालाकी और गणित चेन पिंग की अगली वार से बचा पाएँगे? और क्या वह माँ और अपनी इज़्ज़त दोनों को सुरक्षित रख पाएगा?