#guide #devanand #rafi #hasratjaipuri #sdburman #shailendra हसरत जयपुरी शुरू में गाइड फिल्म के हिंदी संस्करण के गीतकार थे। फिल्म के डायरेक्टर विजय आनंद (देव आनंद के भाई) और देव आनंद को उनके लिखे कुछ गीत पसंद नहीं आए, खासकर एक गाने की शुरुआती लाइन पर बहुत विवाद हुआ।
वह गाना था: दिन ढल जाए हाय रात न जाए (जो बाद में शैलेंद्र ने पूरा किया और बहुत हिट हुआ)।
लेकिन असली विवाद वाली बात यह थी कि गाने में राजू (देव आनंद का किरदार) के बारे में बात हो रही थी — एक ऐसा किरदार जो गाइड से प्रेमी बनता है, फिर संत बन जाता है। हसरत जयपुरी को लगा कि यह किरदार बहुत हल्का-फुल्का या morally questionable है।
महफिल/मीटिंग में जब विजय आनंद ने उनसे लाइन बदलने को कहा, तो हसरत जयपुरी गुस्से में आ गए और उन्होंने कहा:
"एक भ$वे के लिए और क्या लिखूँ?"
(यानी — "एक भ$वे के लिए और क्या लिखूँ?")
यह सुनते ही विजय आनंद बहुत नाराज़ हो गए।.......................
#guide #devanand #rafi #hasratjaipuri #sdburman #shailendra हसरत जयपुरी शुरू में गाइड फिल्म के हिंदी संस्करण के गीतकार थे। फिल्म के डायरेक्टर विजय आनंद (देव आनंद के भाई) और देव आनंद को उनके लिखे कुछ गीत पसंद नहीं आए, खासकर एक गाने की शुरुआती लाइन पर बहुत विवाद हुआ।
वह गाना था: दिन ढल जाए हाय रात न जाए (जो बाद में शैलेंद्र ने पूरा किया और बहुत हिट हुआ)।
लेकिन असली विवाद वाली बात यह थी कि गाने में राजू (देव आनंद का किरदार) के बारे में बात हो रही थी — एक ऐसा किरदार जो गाइड से प्रेमी बनता है, फिर संत बन जाता है। हसरत जयपुरी को लगा कि यह किरदार बहुत हल्का-फुल्का या morally questionable है।
महफिल/मीटिंग में जब विजय आनंद ने उनसे लाइन बदलने को कहा, तो हसरत जयपुरी गुस्से में आ गए और उन्होंने कहा:
"एक भ$वे के लिए और क्या लिखूँ?"
(यानी — "एक भ$वे के लिए और क्या लिखूँ?")
यह सुनते ही विजय आनंद बहुत नाराज़ हो गए।.......................
देवानंद की फिल्में आज भी तरोताजा संसार रचती है मैने जब देव आनंद की पुरानी फिल्में देखी तो महीनों तक लगातार देखता ही चला गया 😀
दिलीप , अमिताभ सब फीके नजर आए देव साहब की फिल्मों के सामने 💪