हम ध्यान (Meditation) को शांति और सुकून का रास्ता मानते हैं। लेकिन क्या हो अगर ध्यान आपके शरीर और दिमाग के लिए एक खौफनाक यातना बन जाए?
In this mind-bending episode of The Wednesday Wisdom, we dive deep into the extreme and terrifying reality of Bodhidharma, the founder of Zen Buddhism and Shaolin Kung Fu.
बोधिधर्मन कोई आम संन्यासी नहीं थे। उनके तरीके इतने खौफनाक और एक्सट्रीम थे कि सुनकर रूह कांप जाए। कहा जाता है कि जब ध्यान करते वक्त उन्हें नींद आने लगी, तो उन्होंने अपनी ही पलकें काटकर ज़मीन पर फेंक दीं! इतना ही नहीं, उन्होंने एक गुफा में बिना हिले-डुले, लगातार 9 सालों तक सिर्फ एक पत्थर की दीवार को घूरते हुए अपना समय बिताया।
आखिर कोई इंसान अपने ही शरीर को इतनी भयानक सज़ा क्यों देगा? बोधिधर्मन का 'ज़ेन' (Zen) शांति का नहीं, बल्कि अहंकार (Ego) को बेरहमी से कुचलने का रास्ता था। उन्होंने ग्रंथों को नकार दिया और सीधा मन से मन के टकराव (Mind-to-Mind transmission) पर ज़ोर दिया।
इस वीडियो में हम बोधिधर्मन की उस डार्क और एक्सट्रीम साइकोलॉजी को डिकोड करेंगे, जिसने पूरी दुनिया के सोचने का नज़रिया बदल दिया। क्या आप अपने ही दिमाग की गहराइयों में उतरने की हिम्मत रखते हैं?
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0:00 एक राजकुमार का सन्यासी बनने का सफर
2:04 बोधी धर्म का जन्म और शुरुआती जीवन
5:13 चीन की कठिन समुद्री यात्रा
10:24 9 साल तक दीवार घूरने का रहस्य
17:20 शाउलिन भिक्षुओं के लिए शारीरिक व्यायाम
26:19 बोधी धर्म के जीवन का अंतिम अध्याय
#bodhidharma #zen #advaitankit #thewednesdaywisdom #darkphilosophy #shaolin #meditation #buddhism #mindcontrol #history
हम ध्यान (Meditation) को शांति और सुकून का रास्ता मानते हैं। लेकिन क्या हो अगर ध्यान आपके शरीर और दिमाग के लिए एक खौफनाक यातना बन जाए?
In this mind-bending episode of The Wednesday Wisdom, we dive deep into the extreme and terrifying reality of Bodhidharma, the founder of Zen Buddhism and Shaolin Kung Fu.
बोधिधर्मन कोई आम संन्यासी नहीं थे। उनके तरीके इतने खौफनाक और एक्सट्रीम थे कि सुनकर रूह कांप जाए। कहा जाता है कि जब ध्यान करते वक्त उन्हें नींद आने लगी, तो उन्होंने अपनी ही पलकें काटकर ज़मीन पर फेंक दीं! इतना ही नहीं, उन्होंने एक गुफा में बिना हिले-डुले, लगातार 9 सालों तक सिर्फ एक पत्थर की दीवार को घूरते हुए अपना समय बिताया।
आखिर कोई इंसान अपने ही शरीर को इतनी भयानक सज़ा क्यों देगा? बोधिधर्मन का 'ज़ेन' (Zen) शांति का नहीं, बल्कि अहंकार (Ego) को बेरहमी से कुचलने का रास्ता था। उन्होंने ग्रंथों को नकार दिया और सीधा मन से मन के टकराव (Mind-to-Mind transmission) पर ज़ोर दिया।
इस वीडियो में हम बोधिधर्मन की उस डार्क और एक्सट्रीम साइकोलॉजी को डिकोड करेंगे, जिसने पूरी दुनिया के सोचने का नज़रिया बदल दिया। क्या आप अपने ही दिमाग की गहराइयों में उतरने की हिम्मत रखते हैं?
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17:20 शाउलिन भिक्षुओं के लिए शारीरिक व्यायाम
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