हरे कृष्णा।
यह कहानी है पूजा शर्मा जी के उस भावुक अनुभव की, जब उन्होंने अपने ठाकुर जी को मन से होली खेलने आने का निमंत्रण दिया। उन्हें ऐसा अनुभव हुआ कि जैसे ठाकुर जी स्वयं उनके पास आए और उन्हें रंग लगाया।
इस बातचीत में एक बहुत सुंदर बात सामने आती है — जब भक्त सच्चे भाव से भगवान को याद करता है, तो भगवान की उपस्थिति को महसूस करने का अनुभव उसके लिए बहुत गहरा हो सकता है।
कहानी में ठाकुर जी की सेवा, राधा रानी के प्रति प्रेम, भगवान की सर्वव्यापकता, ज्योतिष और नकारात्मकता से दूर रहकर ईश्वर पर भरोसा रखने तथा अपने भाव को महत्व देने की बातें भी साझा की गई हैं।
पूरी कहानी सुनिए और अपने भाव से श्री राधा-कृष्ण का स्मरण कीजिए।
हरे कृष्णा।
यह कहानी है पूजा शर्मा जी के उस भावुक अनुभव की, जब उन्होंने अपने ठाकुर जी को मन से होली खेलने आने का निमंत्रण दिया। उन्हें ऐसा अनुभव हुआ कि जैसे ठाकुर जी स्वयं उनके पास आए और उन्हें रंग लगाया।
इस बातचीत में एक बहुत सुंदर बात सामने आती है — जब भक्त सच्चे भाव से भगवान को याद करता है, तो भगवान की उपस्थिति को महसूस करने का अनुभव उसके लिए बहुत गहरा हो सकता है।
कहानी में ठाकुर जी की सेवा, राधा रानी के प्रति प्रेम, भगवान की सर्वव्यापकता, ज्योतिष और नकारात्मकता से दूर रहकर ईश्वर पर भरोसा रखने तथा अपने भाव को महत्व देने की बातें भी साझा की गई हैं।
पूरी कहानी सुनिए और अपने भाव से श्री राधा-कृष्ण का स्मरण कीजिए।