यहां सब यात्राएं झूठी।

Gyanki Dukan

Gyanki Dukan

22,833 views

खोज का जाल: मन भविष्य की भाषा और कुछ पाने की ललक के सहारे जीवित रहता है। ओशो समझाते हैं कि जब हम कोई लक्ष्य (चाहे धन हो या ध्यान) निर्धारित करते हैं, तो मन सक्रिय रहता है। मन को इस भागदौड़ में ही सुरक्षा और पोषण मिलता है (2:20-3:49)।आध्यात्मिक अहंकार: ओशो बताते हैं कि कैसे अहंकार सांसारिक इच्छाओं से निकलकर आध्यात्मिक लक्ष्यों (जैसे परमात्मा या निर्वाण) की ओर मुड़ जाता है। यह अहंकार के लिए एक नया खेल बन जाता है, जिससे वह खुद को 'साधारण' से 'असाधारण' समझने लगता है (5:40-8:09)।अद्वैत का सत्य: उनका कहना है कि परमात्मा कोई ऐसी मंजिल नहीं है जिसे कहीं जाकर पाना है; वह आपका अस्तित्व ही है। हमने उसे खोया नहीं है, बस उसे भूल गए हैं। यह ठीक वैसा है जैसे कोई व्यक्ति अपने हाथ में रखी चीज़ को बाहर तलाशता है (10:12-11:41)।मुल्ला नसरुद्दीन का दृष्टांत: ओशो एक हास्यपूर्ण कहानी सुनाते हैं (12:22-14:10) जहाँ मुल्ला नसरुद्दीन अदालत में दूर के तारों की बात करते हैं, लेकिन अपने पास की वास्तविकता को नहीं देख पाते। यह इस बात का प्रतीक है कि मन दूर की चीजों को तो खोजता है,
#explore #osho #oshoquotes #oshomeditation #oshoreels #viral #oshointernational