पार्टी के जिए पैसा है । लेकिन भिखारी ठाकुर के लिए नहीं है ।सांस्कृतिक विरासत का जतन कीजिए । शेक्सपियर कहने से ही कम नहीं होगा उनका इज्जत कीजिए ।उनके घर को स्मारक बनाइए । अभी भी घर में सब सामान पड़ा है बरसात के पानी में सब बर्बाद हो रहा है ।अरे बिहार भाइयों कुछ चंदा इकट्ठा करके इस धरोहर को जीवित रखो । आगे आने वाली पीढ़ी के कम आयेगा ।जय बिहार । मै गुजरात से लिख रहा हु ।
बिहार सरकार के पास घोटालों के लिए पैसे है और यह भोजपुरिया रत्न के सुरक्षित रखने के लिए पैसे नहीं है। भिखारी ठाकुर अगर राजपूत ठाकुर होते तो भोजपुरी के धरोहर की यह दुर्दशा नहीं होता।आप को बहुत बहुत बधाई एवं सुभकामनाये इस धरोहर पर काम करने के लिए। जबकि बिहार में पैंतीस साल से पिछड़े वर्ग के नेता राज कर रहे हैं धिक्कार है ऐसे राजनीति पर।
भोजपुरी के शेक्सपियर श्रद्धेय भिखारी ठाकुर को कोटि कोटि नमन! ठाकुर साहब का पुस्तैनी घर दिखाने के लिए बहुत बहुत साधुवाद आपका सर! आपके चैनल की टीम को बहुत बहुत प्यार !
बिहार सरकार को लूटने से फुरसत हो तब वह स्व भीखारी ठाकुर जिन्हें भोजपुरी के शेक्सपियर से संबोधित किया जाता है, उनकी घर को भी संभाल नहीं पा रही है, बिहार के जो भी मुख्यमंत्री बने, उनके घर, आश्रम को बना दे, यह बहुत अच्छा कार्य होगा, यह बिहार सरकार का दायित्व भी है, जय बिहार
मन में ललसा रहे कि एक बेर भिखारी ठाकुर जी के गांव के माटी माथे लगावल जाए बाकी आज उ लालसा पूरा कर दिहनी रूऊआ। बक्सा में बंद रामायण आ लिखल कविता नाटक नाटक के आभाखन के रोअत रूप देख के मन दुःख से भर गईल। देश दुनिया में रस बुनिया बाटे वाला भिखारी ठाकुर जी भिखारे रह गईली। बाकी नाम अमर बा।