जब यह गाड़ी पैसेंजर रूप में चल रही थी तो भी पचपेड़वा रेलवे स्टेशन पर इसका स्टाफ था पचपेड़वा रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस गाड़ियों का ठहराव है और इस गाड़ी का ठहराव बहुत ही आवश्यक है पचपेड़वा रेलवे स्टेशनपर क्योंकि इससे हमारे आस पास के लगभग 20 कमी के क्षेत्र में यात्री नेपाल से सीधा संपर्क कर पाएंगे
I used to travel in Gokul Express and Nainital express from Aishbagh every summer , for pilibhit when i was kid back then pilibhit was fully meter gauge
He justifies the name of this Channel. Rail Gyan Kosh....a lot of gyan and a lot of rail...Love the quality of your content..Keep up the Good Work Sandeep Bhai
बेहतरीन! मीटर गेज की सुनहरी यादें। क्या दिन थे वो। हमने तो स्टीम इंजन का जमाना देखा, महसूस किया और जीया। स्टीम इंजन से डीज़ल इंजन, ब्रॉड गेज से इलेक्ट्रिफिकेशन तक कितना बदल गई रेलवे। मीटर गेज का सफर, वो छोटे स्टेशन, उनके पत्थर वाले शानदार साइनबोर्ड, स्टेशन की इमारतें, प्लेटफॉर्मपर ही पेड़ों की छांव, रेलवे कालोनियां, इंजन में पानी भरने की टंकियां, इंजन रिवर्स करने की टर्नटेबल, चारों ओर खुली खुली जगह। क्या क्या याद करें। अब तो बस वीडियो में बंद यादें ही बची हैं। नई ट्रेनें, नए प्लेटफॉर्म, नई बिल्डिंगें हैं लेकिन वो अपनापन, वो गर्माहट, वो भावनाएं नहीं हैं। स्टेशन का नाम बताने वाले साइनेज हैं पर ठंडे लोहे और क्रोम के। चारों तरफ का खुलापन तारों - खंभों में खो गया है। बहुत धन्यवाद अपने इस वीडियो में उन यादों को भीजोड़ने के लिए।
Mind blowing editing. Socha tha thoda sa dekh lu lekin kb puri ho gyi video pata nhi chala pahle pata hota to apse jarur milta Bahraich se nepalganj tak ke kisi bhi station pr
मैं जब बच्चा था. ...तब Mau Junction पर meter Guage ki lines bhii thiin...कृषक meter gauge पर steam engine se Lucknow Jn पर आती थीं, इसीलिए उस station ko छोटी line se नाम aaz भी बुलाया जाता है...by locals..
Mujhe lga hi tha train banaras se chle aur sandeep bhai cover na kre. Possible nhi hai.. Last run of mg and first run of BG dono cover kiye apne... Thanks brother
मैं बचपन से ट्रेन का रसिया रहा हूं ..... सांसद और अभिनेत्री हेमा जी ने भी एक इंटरव्यू में ऐसा ही विचार व्यक्त किये थे .....❤........विडियो के अंत में आपके आखिरी विचारों ने मुझे बहुत भावुक कर दिया ....😢........लेकिन परिवर्तन तो जग की रीति है ........