रिश्ते करना कोई खेल नहीं है। अच्छी तरह से जांच परख कर लेनी चाहिए। नहीं तो जिंदगी भर पछताना पड़ता है। रजनी व बजरंग का रोल बड़ा ही मस्त है। मां-बाप को बेटी का रिश्ता करने से पहले अच्छी तरह तहकीकात करनी चाहिए। जैसा कि रजनी, बजरंग सब जानते थे,तो इन्होंने हनुमान जी को बहुत समझाया लेकिन हनुमान जी ने न मान कर बहुत ही बड़ी ग़लती की। आखिर में लड़की सहित सभी को नतीजा भोगना पड़ा।खैर नाटक बहुत ही बढ़िया मस्त बना है। सभी कलाकारों का कहानी अनुसार बहुत ही बढ़िया रोल रहा। पूरी टीम को आशीर्वाद शुभकामनाएं।